उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री के द्वारा शादी अनुदान योजना (shadi anudan yojana) लागू की गई है जिसके तहत गरीब परिवार के बेटियों की विवाह के लिए एक सहायता राशि है जो की उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा संचालित की गई है इस योजना के तहत ₹20000 निश्चित राशि का अनुदान मिलता है शादी अनुदान योजना का मुख्य उद्देश्य “पिछड़े वर्ग” तथा “अनुसूचित जाति” और “जनजाति” तथा आर्थिक रूप से गरीब लोगों को विवाह के दौरान होने वाले खर्च में सहायता प्रदान करना है जो आपको ऑनलाइन आवेदन करना होता है और साथ ही इस योजना का लाभ लेने के लिए कुछ आवश्यक दस्तावेज और पात्रता आवश्यक है शादी अनुदान योजना का लाभ सभी प्रकार के लोगों को मिलता है यह सिर्फ गरीब बेटियों की शादी के लिए सहायता राशि है अतः पिछड़ी, पिछड़े अल्पसंख्यक हरिजन तथा सामान्य वर्ग के लोगों को भी इस अनुदान का लाभ मिल पाता है इसके लिए आपको अपना आय प्रमाण पत्र देना आवश्यक होता है ताकि आपको या प्रमाणित करना होता है कि आप गरीब हैं गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले सामान्य वर्ग को भी इस योजना का लाभ मिलता है शादी अनुदान योजना उत्तर प्रदेश की “ऑनलाइन अप्लाई” कैसे की जाती है? और इस योजना के क्या “लाभ” हैं? तथा इस योजना का लाभ लेने के लिए कौन-कौन से “दस्तावेज” और “पात्रता” क्या होनी चाहिए? इत्यादि तमाम प्रश्नों के बारे में पूरी नीचे प्रदान किया गया है

योजना का विवरण सूची (short details)
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| योजना का नाम | मुख्यमंत्री शादी अनुदान योजना (उत्तर प्रदेश) |
| अनुदान की राशि | 20 हजार रुपए निश्चित राशि |
| आवेदन की अंतिम अवधि | विवाह के 90 दिन तक |
| योजना की आधिकारिक वेबसाइट | shadianudan.upsdc.gov.in |
| वर वधु की उम्र | वर की 21 और वधू की 18 से ऊपर |
| श्रेणी | पिछले, अल्पसंख्यक, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, गरीबी रेखा से नीचे सामान्य |
| वार्षिक आय सीमा | 1 लाख से कम |
योजना के लाभ (profit)
- बेटियों की शादी के बाद गरीब घर में आर्थिक परेशानी होने लगती है जिससे इस योजना के तहत 20 हजार रुपए निश्चित राशि प्राप्त होती है और आर्थिक परेशानी काम हो जाती है
- इस योजना में उत्तर प्रदेश सरकार अधिकतम दो बेटियों की विवाह के लिए अनुदान प्रदान करती है अतः इस योजना का लाभ दो बार लिया जा सकता है
- शादी अनुदान योजना सभी जातियां तथा सभी वर्ग के लोगों को मिलता है जो भी जाति या वर्ग गरीब है वह इस योजना का पात्र है
- योजना के अंतर्गत वर और वधु के आयु प्रमाण पत्र भी सम्मिलित है जिसमें वर की आयु 21 वर्ष और वधू की आयु 18 वर्ष से अधिक होना अनिवार्य है जिसके कारण बाल विवाह पर रोक लगाया जा सकता है
- बेटियों के प्रति समाज में सकारात्मक सोच का विकास होता है
योजना के उद्देश्य (Objective)
- पिछड़े वर्ग, पिछड़े अल्पसंख्यक, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति तथा गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले सामान्य लोगों को विवाह के समय होने वाले खर्चे में सहायता देना
- बाल विवाह पर प्रतिबंध लगाना
- बेटियों के प्रति सकारात्मक सोच
- बेटी तथा बेटा में भेदभाव ना हो
- गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले लोगों को आर्थिक रूप से मजबूत करना
- गरीब बेटी के माता-पिता का मानसिक तनाव कम करना
- भ्रूण हत्या पर रोक लगाने में सहायता
योजना की पात्रता(eligibility)
- लाभार्थी उत्तर प्रदेश का मूल निवासी होना चाहिए
- लाभ लेने के लिए वर की उम्र 21 वर्ष और वधू की उम्र 18 वर्ष से कम नहीं होनी चाहिए
- लाभार्थी कि प्रतिवर्ष की कमाई 1 लाख से कम होनी चाहिए
- एक लाभार्थी सिर्फ दो बार ही इस योजना का लाभ ले सकता है
- लाभार्थी को पिछड़े अल्पसंख्यक या गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले सामान्य अथवा अनुसूचित जाति और जनजाति के होने चाहिए
- विवाह के 90 दिनों तक इस योजना का लाभ पाने के लिए आवेदन किया जा सकता है
आवश्यक दस्तावेज (documents)
- आधार कार्ड (माता-पिता और वर वधू का)
- पैन कार्ड (माता-पिता और वर वधू का)
- बैंक पासबुक (आधार से लिंक किया हुआ आवेदक या पुत्री का)
- मोबाइल नंबर (आधार से लिंक किया हुआ आवेदक का)
- निवास प्रमाण पत्र
- जाति प्रमाण पत्र
- शादी प्रमाण पत्र (शादी कार्ड या शादी पंजीकरण प्रमाण पत्र)
- परिवार रजिस्टर नकल या राशन कार्ड
- पासपोर्ट साइज फोटो (आवेदक और बेटी दोनों का )
ऑनलाइन अप्लाई की प्रक्रिया (apply online)
शादी अनुदान योजना का ऑनलाइन अप्लाई करने के लिए सबसे पहले आपको अपने क्रोम ब्राउजर में शादी अनुदान की आधिकारिक वेबसाइट ओपन करना है


- इसके बाद आपको “आवेदन करें” पर क्लिक कर देना है
- अब आपको एक नया पेज ओपन होगा जहां पर आवेदक की “जाति समूह” का चुनाव करना है और “आवेदक का आधार नंबर” डालकर “कैप्चा” भर देना है
- नीचे आपको कुछ टर्म एंड कंडीशन को टिक कर देना है और नीचे दिए गए आधार द्वारा ओटीपी सत्यापित करने वाले ऑप्शन पर क्लिक कर देना है जिसके बाद आपको आधार से लिंक मोबाइल नंबर पर एक ओटीपी जाएगा उसे ओटीपी को डाल देना है
- अब आवेदक का आधार कार्ड सत्यापन का कार्य पूरा हो चुका अब आपको होम पेज पर “आवेदक का विवरण” वाले ऑप्शन पर क्लिक करना है और सभी जानकारी यहां भरने के बाद सबमिट पर क्लिक कर देना है
- उसके बाद नीचे दिए गए ऑप्शन में “पुत्री की केवाईसी” को कंप्लीट कर लेना है
- उसके बाद आपको “वार्षिक आय का विवरण” वाले ऑप्शन पर क्लिक करें और अपनी वार्षिक आय को प्रमाणित करें
- नीचे आपको “विवाह संबंधी विवरण” पर क्लिक करना है और अपने सभी विवरण भरने के बाद सबमिट कर देना है
- नीचे आने के बाद “बैंक का विवरण” आपको डालना होगा
- फिर आपको अपने सभी दस्तावेज अपलोड करने के लिए “दस्तावेज डालें” पर क्लिक कर देना है
- सभी जानकारी को एक बार फिर से चेक कर लेना है उसके बाद सबमिट पर क्लिक कर देना है
- अब आपके मोबाइल नंबर पर आवेदन संख्या प्राप्त हो जाएगी
- नीचे दिए गए “आवेदन की स्थिति जाने” पर क्लिक करके आप अपने आवेदन की स्थिति की जांच कर सकते हैं
आपके प्रश्न (FAQ)
प्रश्न-शादी अनुदान योजना में कितने रुपए मिलते हैं?
उत्तर-शादी अनुदान योजना में अधिकतम 20 हजार रुपए मिलते हैं|
प्रश्न-शादी अनुदान योजना किस प्रदेश में लागू की गई है?
उत्तर-शादी अनुदान योजना उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा लागू की गई है इसके अलावा अन्य प्रदेशों में भी विवाह हेतु अनुदान दिए जाते हैं जो अलग-अलग नाम से हैं|
प्रश्न-शादी अनुदान योजना का ऑनलाइन आवेदन कितने दिन तक कर सकते हैं?
उत्तर-शादी अनुदान योजना का ऑनलाइन आवेदन विवाह से 90 दिनों तक ही कर सकते हैं|
प्रश्न-शादी अनुदान के लिए कौन से दस्तावेज चाहिए?
उत्तर-शादी अनुदान योजना के लिए आवेदक तथा पुत्री का “आधार कार्ड और पैन कार्ड तथा आवेदक का बैंक पासबुक, शादी का कार्ड, जाति प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण, पत्र मोबाइल नंबर, आय प्रमाण पत्र” यह दस्तावेज चाहिए|
प्रश्न-शादी अनुदान योजना का पैसा कितने दिनों में आता है?
उत्तर-शादी अनुदान योजना का पैसा आवेदन सत्यापित होने के 30 दिनों से 90 दिनों के भीतर बैंक अकाउंट में आ जाता है|
प्रश्न-शादी अनुदान योजना के लिए आवेदन कैसे करें?
उत्तर-शादी अनुदान योजना का आवेदन शादी अनुदान की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर कर सकते हैं|
प्रश्न-मुख्यमंत्री विवाह प्रोत्साहन योजना क्या है?
उत्तर-उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री के द्वारा गरीब बेटियों की विवाह करने के लिए 20 हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि प्रदान करती है जिसे मुख्यमंत्री विवाह प्रोत्साहन योजना के नाम से भी जाना जाता है|