बिहार सरकार मखाना उत्पादन में वृद्धि करने के लिए तथा मखाना की खेती करने वाले किसानों को पारंपरिक कृषि के स्थान पर आधुनिक कृषि पर जोर देने के लिए मखाना विकास योजना (Makhana Vikas Yojana Bihar 2026) लागू की है जिसके अंतर्गत बिहार के चिन्हित 10 जिलों “सहरसा, किशनगंज, मधुबनी, पूर्णिया, दरभंगा, अररिया, सुपौल, कटिहार, मधेपुरा और खगड़िया” में मखाना की खेती करने के लिए अनुदान प्रदान करती है बिहार सरकार मखाना की खेती करने के लिए आधुनिक यंत्रों की खरीद पर भी अनुदान प्रदान करती है इस योजना के तहत बिहार के चिन्हित 10 जिलों में मखाना के कृषि में प्रयोग की जाने वाली उन्नत किस्म की खाद, बीज, दवाइयां तथा आधुनिक यंत्रों की खरीद पर 75 प्रतिशत का अनुदान प्रदान कर रही है ताकि बिहार मखाना की कृषि के लिए एक नई पहचान बना सके और भारत में मखाना की खेती के लिए इन 10 जिलों को देखकर अन्य जिलों के तथा अन्य प्रदेशों के लोग भी मखाना की खेती के लिए उत्सुक होंगे इस योजना के अंतर्गत न्यूनतम 0.25 एकड़ जमीन से लेकर अधिकतम 10 एकड़ की जमीन के लिए अनुदान प्रदान कर रही है आज के इस पोस्ट में हम आप लोगों को मखाना विकास योजना के बारे में विस्तृत जानकारी देने वाले हैं यहां पर आपको अनेक प्रश्नों के उत्तर जैसे मखाना विकास योजना की “आवेदन प्रक्रिया” क्या है? इस योजना के कौन-कौन से “लाभ” हैं? तथा “पात्रता और आवश्यक दस्तावेज” क्या है? इन सभी प्रश्नों के उत्तर यहां पर आपको मिलने वाले हैं

मखाना विकास योजना का संक्षिप्त विवरण (short details)
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| योजना का नाम | मखाना विकास योजना (Makhana Vikas Yojana ) |
| राज्य का नाम | बिहार |
| वर्ष | 2026 |
| चुनिंदा जिलों के नाम | सहरसा, किशनगंज, मधुबनी, पूर्णिया, दरभंगा, अररिया, सुपौल, कटिहार, मधेपुरा और खगड़िया |
| मिलने वाले लाभ | मखाना की खेती में लगने वाली लागत पर 75% का अनुदान मखाना की खेती में इस्तेमाल होने वाले उपकरण की खरीद पर 75% का अनुदान पारंपरिक किसानों को आधुनिक कृषि का प्रशिक्षण |
| विभाग | बिहार कृषि विभाग |
| आधिकारिक की शुरुआत में लिखा है कि मखाना विकास योजना मखानावेबसाइट लिंक | horticulture.bihar.gov.in |
| पात्रता | आवेदक बिहार का एक किसान होना चाहिए आवेदक चुनिंदा 10 जिलों में से किसी एक जिले का निवासी होना चाहिए किसान के पास कम से कम 0.25 एकड़ जमीन तथा अधिक से अधिक 10 एकड़ जमीन होना अनिवार्य है |
| आवश्यक दस्तावेज | आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक पासबुक, पासपोर्ट साइज फोटो, मोबाइल नंबर, जमीन की खतौनी, बटाईदार किसान के लिए अनुबंध पत्र |
मखाना विकास योजना के लाभ (benefits)
मखाना विकास योजना बिहार सरकार के द्वारा लागू की गई एक पहल है जिसके द्वारा मखाना की खेती करने वाले किसानों को 75% का अनुदान प्रदान किया जाता है ताकि वह पारंपरिक कृषि यंत्रों तथा बीज और खाद के स्थान पर नई तकनीक के बीज खाद दवाइयों का इस्तेमाल कर सकें और मखाना की खेती में इस्तेमाल होने वाले यंत्र को खरीद सकें मखाना विकास योजना के अंतर्गत मखाना की खेती करने वाले किसानों को निम्नलिखित लाभ प्रदान किए जाते हैं
- पारंपरिक मखाना की खेती करने वाले किसानों को आधुनिक खेती का प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है
- मखाना की खेती में इस्तेमाल होने वाली कृषि यंत्र की खरीद पर 75% का अनुदान
- अधिकतम 10 एकड़ जमीन पर मखाना की खेती करने के लिए आधुनिक किस्म के बीज खाद और दवाइयां के खरीद पर 75% का अनुदान
- प्रशिक्षण तथा आधुनिक तकनीक कृषि के द्वारा मखाना के उत्पादन में वृद्धि
- मखाना उत्पादन के लिए बिहार को एक नई पहचान मिलती है
मखाना विकास योजना के उद्देश्य (Objectives of the scheme)
मखाना विकास योजना का लाभ बिहार के चिन्हित 10 जिलों को ही प्रदान किया जाता है क्योंकि इन 10 जिलों में मखाने की खेती पारंपरिक तरीके से की जाती है जिसमें सुधार लाने के लिए और पैदावार में वृद्धि करने के लिए मखाना विकास योजना लागू किया गया है जिसके अंतर्गत पारंपरिक तरीके से कृषि करने वाले किसानों को आधुनिक तकनीकी का प्रशिक्षण भी दिया जाता है और आधुनिक तकनीक के यंत्र की खरीद पर 75% का अनुदान दिया जाता है जिसके परिणाम स्वरूप मखाना की खेती करने वाले किसानों को आर्थिक राहत मिली है और पैदावार में भी वृद्धि देखने को मिलती है मखाना विकास योजना के कुछ प्रमुख उद्देश्य निम्नलिखित हैं
- पारंपरिक किसानों को आधुनिक कृषि के लिए प्रेरित करना
- मखाना की खेती के लिए बिहार की एक अलग पहचान बनाना
- मखाना की खेती करने वाले किसानों को आर्थिक मदद प्रदान करना
- मखाना के उत्पादन में वृद्धि करना
- किसानों को मखाना की खेती के लिए प्रोत्साहित करना
मखाना विकास योजना की पात्रता (eligibility)
मखाना विकास योजना का लाभ बिहार के सिर्फ 10 जिलों में ही प्रदान किया जाता है क्योंकि इन 10 जिलों में मखाने की खेती की अधिकता पाई जाती है लेकिन यह सभी किसान पारंपरिक तरीके से खेती करते हैं जिसके परिणाम स्वरूप उत्पादन में कमी देखने को मिलती है इसलिए बिहार सरकार इन चुनिंदा 10 जिलों में मखाना विकास योजना को लागू किया जिसके अंतर्गत मखाना की खेती करने वाले किसानों को अनेक प्रकार के लाभ प्रदान किए जाते हैं अतः इन किसानों को मखाना विकास योजना का लाभ पाने के लिए कुछ पात्रता अथवा योग्यता निम्नलिखित है
- किसान बिहार के चुनिंदा 10 जिले “सहरसा, किशनगंज, मधुबनी, पूर्णिया, दरभंगा, अररिया, सुपौल, कटिहार, मधेपुरा और खगड़िया” में से किसी एक जिले का होना अनिवार्य है
- आवेदक किसान के पास कम से कम 0.25 एकड़ जमीन तथा अधिकतम 10 एकड़ जमीन होना अनिवार्य है
- किसान के पास जमीन के सभी दस्तावेज होना अनिवार्य है
- गैर रैयत (बटाईदार) किसान के पास अनुबंध पत्र होना अनिवार्य है जिससे यह प्रमाणित हो की वह बटाईदार किसान है
- महिला किसान को मखाना विकास योजना के अंतर्गत प्राथमिकता दी जाती है
- किसान को DBT(direct benefit transaction) पोर्टल पर पंजीकृत होना चाहिए
- किसान का खाता संख्या DBT पोर्टल पर से जुड़ा होना चाहिए
मखाना विकास योजना की आवश्यक दस्तावेज (documents)
मखाना विकास योजना बिहार सरकार की एक ऐसी योजना है जो कि बिहार के मात्र 10 जिलों में लागू किया गया है इसका मुख्य लक्ष्य इन 10 जिलों में मखाना की कृषि में वृद्धि करना तथा मखाना के उत्पादन में वृद्धि करना है मखाना विकास योजना का लाभ लेने के लिए कुछ आवश्यक दस्तावेज निम्नलिखित हैं
- आधार कार्ड
- पैन कार्ड
- आधार कार्ड लिंक बैंक पासबुक
- जमीन की खतौनी
- पासपोर्ट साइज फोटो
- बटाईदार (गैर रैयत) किसान के लिए अनुबंध पत्र
- मोबाइल नंबर
मखाना विकास योजना की ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया (apply online)
मखाना विकास योजना बिहार सरकार के द्वारा लागू की गई है जिसके अंतर्गत मखाना की खेती करने वाले किसानों को आधुनिक यंत्रों के खरीद पर 75% का अनुदान प्रदान किया जाता है तथा नई तकनीक से मखाना की खेती करने के लिए प्रशिक्षण भी प्रदान किया जाता है मखाना विकास योजना के आवेदन की प्रक्रिया कुछ इस प्रकार से है जो हम यहां पर आपको नीचे बताने वाले हैं
डीबीटी पर पंजीकरण प्रक्रिया (DBT registration process)
- सबसे पहले आपको DBT पोर्टल के होम पेज पर आ जाना है
- अब आपको “ऑनलाइन सेवाएं” के ऑप्शन पर जाने के बाद किसान पंजीकरण पर क्लिक कर देना है
- यहां पर सुबह 9:00 से लेकर शाम 6:00 बजे तक ही पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी होती है अतः इस समय के दौरान ही आप पंजीकरण कर पाएंगे
- अब आपको यहां पर अपना आधार कार्ड नंबर डालकर मोबाइल नंबर पर प्राप्त ओटीपी के द्वारा आधार सत्यापन कर लेना है
- इसके बाद पंजीकरण फार्म में किसान के सभी विवरण ध्यानपूर्वक भर देना है तथा अपना बैंक पासबुक यहां पर अपलोड कर देना है
- अब आपको पंजीकरण आईडी और पासवर्ड डालकर कैप्चा भर लेना है और “सबमिट” पर क्लिक कर देना है
- इस प्रकार से आप डीबीटी पोर्टल पर पंजीकृत हो जाएंगे और पंजीकरण करने के 48 घंटे बाद आपको 13 अंकों का पंजीकरण नंबर प्राप्त हो जाएगा
आवेदन प्रक्रिया (online apply process)
- मखाना विकास योजना का ऑनलाइन आवेदन करने के लिए आपको योजना के आधिकारिक वेबसाइट horticulture.bihar.gov.in पर आ जाना है
- अब यहां पर आपको मखाना योजना से जुड़ी हुई कुछ जरूरी बातें देखने को मिलेंगे जिसे पढ़ने के बाद नीचे शर्तों का पालन करने के लिए ठीक करें और एंग्री एंड कंटिन्यू पर क्लिक कर देना है
- अब यहां पर आपको अपना डीबीटी पर पंजीकृत किया हुआ 13 अंकों का पंजीकरण नंबर डाल देना है जिससे आपकी सभी जानकारी अपने आप लिख कर आ जाएगी
- योजना के कुछ आवश्यक दस्तावेज जैसे आधार कार्ड, पैन कार्ड, जमीन की खतौनी और फोटो को अपलोड कर देना है
- अब मोबाइल नंबर डालने के बाद चेकबॉक्स को टिक करें और “सबमिट” पर क्लिक कर देना है
- इस प्रकार से आपकी आवेदन प्रक्रिया पूरी हो जाएगी और आपके आवेदन संख्या प्राप्त हो जाएगी
- आवेदन संख्या का आप प्रिंट आउट भी निकाल सकते हैं जो कि भविष्य में आप अपने आवेदन की स्थिति की जांच कर पाएंगे
आपके प्रश्न (FAQ)
प्रश्न-बिहार में मखाना विकास योजना क्या है?
उत्तर-बिहार सरकार के द्वारा बिहार के चुनिंदा 10 जिले सहरसा, किशनगंज, मधुबनी, पूर्णिया, दरभंगा, अररिया, सुपौल, कटिहार, मधेपुरा और खगड़िया में मखाना की खेती के लिए बिहार सरकार अनेक सुविधाएं जैसे पारंपरिक मखाना खेती के स्थान पर आधुनिक मखाना की खेती का प्रशिक्षण उन्नत किस्म के बीज दवाइयां तथा खाद के लिए प्रोत्साहन राशि और आधुनिक कृषि यंत्रों के खरीद पर 75 प्रतिशत का अनुदान प्रदान करती है ताकि इन सभी जिलों में मखाने का उत्पादन में वृद्धि की जा सके जिससे भारत में बिहार की एक नई पहचान बन सके इस योजना को मखाना विकास योजना कहा जाता है
प्रश्न-बिहार में 1 किलो मखाने की कीमत कितनी है?
उत्तर-बिहार में नॉर्मल क्वालिटी के मखाने ₹600 से ₹1200 प्रति किलो है तथा प्रीमियम तथा एक्सपोर्ट क्वालिटी मखाने की कीमत ₹1200 से लेकर 1800 रुपए प्रति किलो तक है
प्रश्न-बिहार का कौन सा जिला मखाने के लिए प्रसिद्ध है?
उत्तर-बिहार में मधुबनी और दरभंगा मखाने के लिए प्रसिद्ध है
प्रश्न-मखाना विकास योजना का मुख्य उद्देश्य क्या है?
उत्तर-मखाना विकास योजना का मुख्य उद्देश्य मखाना की कृषि करने वाले किसानों को आर्थिक मदद प्रदान करना तथा पारंपरिक खेती के स्थान पर उन्नत किस्म के मखाने की खेती पर जोर देना तथा बिहार को मखाने के लिए विश्व में प्रसिद्ध करना है
प्रश्न-मखाना विकास योजना का लाभ लेने के लिए पात्रता क्या है?
उत्तर-मखाना विकास योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक चुनिंदा 10 जिले सहरसा, किशनगंज, मधुबनी, पूर्णिया, दरभंगा, अररिया, सुपौल, कटिहार, मधेपुरा और खगड़िया में से किसी एक जिले का होना अनिवार्य है तथा उसके पास कम से कम 0.25 एकड़ जमीन और अधिकतम 10 एकड़ जमीन तक होना अनिवार्य है
प्रश्न-मखाना विकास योजना के लिए आवश्यक दस्तावेज कौन-कौन से हैं ?
उत्तर-मखाना विकास योजना के लिए “आधार कार्ड, पैन कार्ड, आधार लिंक बैंक पासबुक, पासपोर्ट साइज फोटो, मोबाइल नंबर, जमीन की खतौनी, बटाईदार किसान के लिए अनुबंध पत्र” होना अनिवार्य है
प्रश्न-मखाना विकास योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन कैसे करें?
उत्तर-मखाना विकास योजना का ऑनलाइन आवेदन करने के लिए सबसे पहले आपको डीबीटी पोर्टल पर जाकर पंजीकरण कर लेना है और अपना बैंक पासबुक अपलोड कर देना है उसके बाद 13 अंकों की पंजीकरण नंबर के द्वारा मखाना विकास योजना की आधिकारिक वेबसाइट horticulture.bihar.gov.in पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं