Antarjatiya vivah protsahan Yojana Bihar 2026: आवेदन प्रक्रिया, पात्रता, लाभ तथा आवश्यक दस्तावेज

बिहार में रहने वाले युवक तथा युवतियों के लिए यह बहुत अच्छी खबर है क्योंकि बिहार सरकार समाज कल्याण विभाग के द्वारा अंतरजातीय विवाह (inter-cast marriage) प्रोत्साहन योजना लागू कर चुकी है यह शादी अनुदान योजना का उप योजना है जिसके अंतर्गत बिहार में निवास करने वाले अलग-अलग जाति के लड़के तथा लड़कियां यदि वैध रूप से विवाह करते हैं तो विवाह के पश्चात इस योजना के तहत बिहार सरकार समाज कल्याण विभाग के द्वारा ₹100000 की भारी भरकम राशि अनुदान(subsidy) के तौर पर दी जाती है यह रकम अलग-अलग जातियों के लड़के और लड़कियों के विवाह के पश्चात प्राप्त होता है क्योंकि सरकार का मुख्य उद्देश्य जाति प्रथा को समाप्त करना है

इन्हीं बातों को ध्यान में रखते हुए बिहार सरकार अंतरजातीय विवाह को बढ़ावा देने के लिए ₹100000 का अनुदान प्रदान कर रही है इस अनुदान के द्वारा लड़के और लड़कियां अपने दांपत्य जीवन की अच्छे से शुरुआत कर सकें अतः यह एक प्रोत्साहन राशि है जो की अंतरजातीय विवाह को बढ़ावा देती है इसलिए यदि लड़का स्वर्ण जाति का है और लड़की अनुसूचित जाति की है इस प्रकार की वैवाहिक जीवन में यदि जातियों का अंतर होने के बाद इनका विवाह वैध रूप से संपन्न होता है तो बिहार सरकार के द्वारा ₹100000 की राशि प्रदान की जाती है आज के इस पोस्ट में हम आप लोगों को अंतरजातीय विवाह प्रोत्साहन योजना के बारे में पूरी जानकारी प्रदान करने वाले हैं जैसे अंतरजातीय विवाह प्रोत्साहन योजना क्या है? इसका आवेदन कैसे किया जाएगा? अंतरजातीय विवाह प्रोत्साहन योजना का लाभ लेने के लिए योग्यता क्या होनी चाहिए?और इसके आवश्यक दस्तावेज कौन-कौन से हैं? और इस योजना का उद्देश्य क्या है? इत्यादि तमाम बातों के बारे में पूरी जानकारी पाने के लिए पूरे आर्टिकल को जरूर पढ़ें

Antarjatiya vivah protsahan Yojana Bihar 2026: आवेदन प्रक्रिया, पात्रता, लाभ तथा आवश्यक दस्तावेज

अंतरजातीय विवाह प्रोत्साहन योजना का संक्षिप्त विवरण (short details)

विवरणजानकारी
योजना का नामअंतरजातीय विवाह प्रोत्साहन योजना (inter-cast marriage)
योजना वर्ष2026
योजना का राज्यबिहार
विभाग का नामबिहार सरकार समाज कल्याण विभाग
आवेदन प्रक्रियाऑफलाइन
योजना में मिलने वाली अनुदान की राशिअधिकतम एक लाख रुपए की राशि fixed deposit (FD)
पात्रताजोड़े बिहार के निवासी होने चाहिए, तथा दोनों की जाति अलग-अलग होनी चाहिए, जोड़े गरीब परिवार से होने चाहिए, लड़के की उम्र 21 वर्ष और लड़की की उम्र 18 वर्ष से कम नहीं होनी चाहिए
योजना के उद्देश्यजाति प्रथा को समाप्त करना, अंतरजातीय विवाह को प्रोत्साहन देना
आवश्यक दस्तावेजआधार कार्ड, निवास प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, विवाह प्रमाण पत्र, आयु प्रमाण पत्र, पासपोर्ट साइज जोड़े की फोटो, आय प्रमाण पत्र, बैंक पासबुक

अंतरजातीय विवाह प्रोत्साहन योजना के उद्देश्य (Objectives of the scheme)

अंतरजातीय विवाह प्रोत्साहन योजना बिहार सरकार के द्वारा लागू की गई एक पहल है जो खासकर युवाओं के लिए काफी लाभदायक है क्योंकि आजकल के युवा अपने जीवनसाथी का चुनाव करने के लिए जाति प्रथा का विरोध करते हैं और किसी अन्य जाति की लड़की से शादी करने पर समाज में उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है इन्हीं बातों को ध्यान में रखते हुए बिहार सरकार ने अंतरजातीय विवाह प्रोत्साहन योजना लागू किया जिसके अंतर्गत अलग-अलग जाति के लड़की लड़कियां विवाह के पश्चात इस योजना के द्वारा ₹100000 की भारी भरकम राशि प्राप्त कर सकते हैं इस योजना को लागू करने के कुछ मुख्य उद्देश्य निम्न प्रकार से हैं

  • जाति प्रथा को समाप्त करना
  • जाति को ना देखते हुए अपना जीवन निर्वाह करने के लिए उचित जीवनसाथी चुनना
  • अंतरजातीय विवाह(inter-cast marriage) वाले दंपतियों को अपना दांपत्य जीवन शुरुआत करने के लिए सहयोग राशि प्रदान करना
  • अंतरजातीय विवाह वाले दंपति को समाज में सामाजिक मान्यता और सम्मान प्रदान करना
  • दहेज प्रथा को समाप्त करना
  • गरीब दंपतियों को आर्थिक मदद प्रदान करना
  • अंतर्जातीय विवाह (inter-cast marriage) को कानूनी मान्यता प्रदान करना
  • अंतरजातीय विवाह का व्यापक प्रचार प्रसार करना
  • अंतरजातीय वैवाहिक दंपति को आर्थिक मदद प्रदान करना
  • अंतर्जातीय वैवाहिक दंपतियों के साथ होने वाले अत्याचार को समाप्त करना

अंतरजातीय विवाह प्रोत्साहन योजना के लाभ (profit of the scheme)

बिहार सरकार अंतरजातीय विवाह प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत बिहार में निवास करने वाले गरीब परिवार के ऐसे वैवाहिक जोड़े जिनमें लड़का किसी अन्य जाति का और लड़की किसी अन्य जाति की है तो ऐसे जोड़े को बिहार सरकार समाज कल्याण विभाग के द्वारा प्रोत्साहन राशि के तौर पर एक लाख रुपए की राशि का अनुदान प्रदान करती है जिससे वह अपना वैवाहिक जीवन की नई शुरुआत कर सके और अपने आगे के जीवन में आने वाली आर्थिक परेशानियों को कम कर सके इसके अलावा समाज में उनकी भी एक मान्यता प्राप्त विवाह होना चाहिए के बिहार के अंतर्जातीय विवाह करने वाले दंपति के लिए यह काफी अच्छी खबर है क्योंकि बिहार सरकार ₹100000 की अच्छी राशि अनुदान के तौर पर प्रदान करती है

अंतरजातीय विवाह प्रोत्साहन योजना की पात्रता (eligibility)

बिहार सरकार द्वारा संचालित की गई यह उप योजना का लाभ पाने के लिए कुछ योग्यता होना अत्यंत आवश्यक है क्योंकि बिहार सरकार के द्वारा इस योजना के अंतर्गत ₹100000 की भारी भरकम राशि वैवाहिक जोड़े को प्रदान करती है और यह राशि नगद ट्रांसफर नहीं किए जाते हैं बल्कि वैवाहिक जोड़े के जॉइंट खाते में fixed deposit (FD) खाते में जमा होता है जो की निर्धारित समय पर ही इसे निकाला जा सकता है अंतरजातीय विवाह प्रोत्साहन योजना का लाभ पाने के लिए कौन-कौन सी पात्रता होना आवश्यक है आईए जानते हैं

  • दंपति को बिहार का स्थाई निवासी होना अनिवार्य है
  • वैवाहिक जोड़े को अलग-अलग जाति का होना अनिवार्य है
  • वैवाहिक जोड़ा गरीब परिवार से होना चाहिए
  • लड़की की उम्र 18 वर्ष तथा लड़के की उम्र 21 वर्ष से कम नहीं होनी चाहिए
  • अंतर्जातीय विवाह का पंजीकरण किया होना चाहिए
  • लाभ पाने के लिए अंतर जाती है विवाह संपन्न हुआ होना चाहिए
  • अंतरजातीय विवाह पूर्ण रूप से वैध होना चाहिए

अंतरजातीय विवाह प्रोत्साहन योजना के आवश्यक दस्तावेज (documents)

अलग-अलग जातियों में विवाह करने वाले बिहार के गरीब परिवार के लड़के लड़कियां इस योजना के तहत ₹100000 का आकर्षक राशि प्राप्त कर सकते हैं यदि आप नीचे दिए गए समस्त आवश्यक दस्तावेज एकत्र कर पाएंगे

  • वर और वधू का आधार कार्ड
  • वर वधू का संयुक्त नवीनतम फोटो
  • वर वधू का जॉइंट बैंक खाता पासबुक
  • वर वधू का जाति प्रमाण पत्र
  • वर वधू का निवास प्रमाण पत्र
  • आयु प्रमाण पत्र
  • अंतरजातीय विवाह प्रमाण पत्र (marriage certificate)
  • मोबाइल नंबर
  • आय प्रमाण पत्र

अंतरजातीय विवाह प्रोत्साहन योजना की आवेदन प्रक्रिया

बिहार सरकार समाज कल्याण विभाग के द्वारा बिहार राज्य में लागू की गई अंतर जाति विवाह प्रोत्साहन योजना काफी प्रभावी रूप से कार्य करती हुई दिखाई दे रही है अतः तमाम लोगों के मन में यह प्रश्न है कि इसका आवेदन कैसे किया जाएगा अतः इस योजना का आवेदन करने के लिए अब तक कोई ऑनलाइन प्रक्रिया उपलब्ध नहीं हो पाई है इसलिए इस योजना का आवेदन करने के लिए आपको ऑफलाइन प्रक्रिया के द्वारा ही इसका आवेदन कर सकते हैं अंतरजातीय विवाह प्रोत्साहन योजना का आवेदन करने के लिए कुछ टिप्स यहां पर निम्नलिखित है

  • सबसे पहले आपको अपनी योग्यता और आवश्यक दस्तावेजों की जांच कर लें
  • यदि आप इस योजना का लाभ लेने के लिए पूर्ण रूप से पात्र हैं तो सभी दस्तावेज लेने के बाद आपको जिला सामाजिक सुरक्षा कार्यालय (ब्लॉक) में जाना होगा
  • अब यहां पर आपको काउंटर पर अंतरजातीय विवाह प्रोत्साहन योजना का एक फॉर्म ले लेना है यदि आपके कार्यालय में यह फॉर्म नहीं मिलता है तो बाहर दुकान से भी ले सकते हैं
  • अब आपको ध्यानपूर्वक पूरे फॉर्म की सभी जानकारी को भर लेना है
  • अब आपको सभी दस्तावेज के साथ इस फॉर्म को अटैच कर देना है
  • अब इस एप्लीकेशन को (RTPS) right to Public Service काउंटर पर जमा कर देना है और रिसीविंग पर्ची ले लेना है
  • आपका एप्लीकेशन संलग्न अधिकारियों के द्वारा सत्यापित होने के बाद आपके फिक्स डिपाजिट खाते में 1 लाख की राशि जमा हो जाएगी

आपके प्रश्न (FAQ)

प्रश्न-अंतरजातीय विवाह क्या है?

उत्तर-यदि कोई लड़का अन्य जाति का है और लड़की अन्य जाति की है और वह एक दूसरे से विवाह करते हैं तो उसे अंतरजातीय विवाह कहा जाता है

प्रश्न-अंतरजातीय विवाह प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत कितने रुपए का अनुदान मिलता है?

उत्तर-अंतरजातीय विवाह प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत बिहार के गरीब परिवार के अलग-अलग जातियों के लड़के लड़कियां आपस में विवाह करने के बाद ₹100000 का अनुदान प्राप्त करते हैं

प्रश्न-अंतरजातीय विवाह प्रोत्साहन योजना का मुख्य उद्देश्य क्या है?

उत्तर-अंतरजातीय विवाह प्रोत्साहन योजना का मुख्य उद्देश्य जाति प्रथा को समाप्त करना तथा अलग-अलग जातियों में विवाह करने वाले लड़के लड़कियों पर होने वाले अत्याचार को कम करना तथा समाज में अंतर जाति विवाह को एक कानूनी विवाह के रूप में स्वीकार करना है

प्रश्न-अंतरजातीय विवाह प्रोत्साहन योजना की ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया क्या है?

उत्तर-अंतरजातीय विवाह प्रोत्साहन योजना का लाभ पाने के लिए अब तक कोई भी ऑनलाइन पोर्टल जारी नहीं किया गया है इसलिए इस योजना का लाभ पाने के लिए आपको सभी दस्तावेज एकत्र करने के बाद जिला सामाजिक सुरक्षा कार्यालय में जाना होगा और ऑफलाइन इसका आवेदन फॉर्म भरकर इसका आवेदन करना होगा

प्रश्न-अंतरजातीय विवाह प्रोत्साहन योजना का लाभ लेने के लिए युवक और युवती की न्यूनतम आयु सीमा कितनी होनी चाहिए?

उत्तर-अंतरजातीय विवाह प्रोत्साहन योजना का लाभ लेने के लिए युवक की उम्र 21 वर्ष तथा युवती की उम्र 18 वर्ष से कम नहीं होनी चाहिए

प्रश्न-अंतरजातीय विवाह प्रोत्साहन योजना का लाभ लेने के लिए अधिकतम आय की सीमा कितनी है

उत्तर-अंतर जाती है विवाह प्रोत्साहन योजना का लाभ गरीब दंपति को ही प्राप्त होता है

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